ख़ुशी

ख़ुशी

गुरुवार, 4 अप्रैल 2019

अप्रैल

✍️आ गया अप्रैल.....

धूप छांव का खेल शुरू
गर्मी का प्रकोप शुरू
ठंडी हवा की मांग शुरू

रातरानी की महक शुरू
गुलाबी फूलों की रंगोली शुरू

पर्वों का आयोजन शुरू
कटाई और बुआई शुरू
रसों की भरमार शुरू
मीठे फलों का सेवन शुरू.…...

#नववर्ष
#नवजीवन
#नईशुरूआत....

शनिवार, 21 जुलाई 2018

बारिश

📝जाने का नाम न ले रही ..........
हफ्ते भर से आई है पर थमने का नाम नहीं
लबालब भर रहीं हैं दिल की नदियां
उफन रहे है मन के नाले
फीका पड़ रहा झूलों का मज़ा
न सावन का पता न आषाढ़ का
हां, तेरे आने की खुशी में हरियाली की दावत बहुत बढ़िया है
खुशी है मज़ा है वैसे ही रहने दे
#बेटियां मायके में आती जाती ही अच्छी लगती हैं
.....
#पुणेबारिश

शुक्रवार, 20 जुलाई 2018

रिश्ते

✍️मुझे कई फूलों के नाम नहीं पता ..पर उनकी खूबसूरती और खुशबू के बारे में जानती हूं  .. मोगरा,अमलतास,गुलमोहर ये नाम हैंबाद में पर पहचान बहुत पहले से है।
शायद ऐसे ही नामी बेनामी लोग नाम वाले रिश्तों का भी मेरे आस-पास एक दायरा है जिसकी खुशबू व खूबसूरती मुझे महका रही है।
..(पर  हमे दायरे में रहना गंवारा ही नहीं)
 रिश्ते खूबसूरत होते हैं ..अजनबियों से ये रिश्ते मुझे अजीज लगते हैं।

गुरुवार, 19 जुलाई 2018

जीवन

✍️ये जीवन.... एक शतरंज की बाजी
कभी शह और कभी मात  है!
 मतखोलना..जिंदगी की...पुरानी किताब को...
जो था..वो मैं रहा नहीं...
जो हूँ....वो किसी को पता नहीं..

गुरुवार, 26 अप्रैल 2018

शब्द

काग़ज कलम  साथ तो ले कर चले थे हम। 
कभी कह न पाए तो कभी  लिख न पाये हम
गहरा नाता है काग़ज कलम और हमारा।

शुक्रवार, 9 दिसंबर 2016

अनकहे एहसास : मौसम

अनकहे एहसास : मौसम

मौसम

📝वक्त बदल रहा है हम भी बदल रहे है
बड़े शहरों के कमरों में मौसम भी बदल रहे हैं ...
न सेंकती धूप... न मदमस्त बादल.... न भीगी बरसात
न मीठी हवा का झोंका...
न लू की तपिश.....
न सुड़कती चाय न पकौड़ी
 न चूल्हे की सोंधी रोटियां ....
जीना सीख रहे हैं.....
 पर हम भी शहर वाले हो रहे हैं!
#मनकीबात