ख़ुशी

ख़ुशी

गुरुवार, 26 अप्रैल 2018

शब्द

काग़ज कलम  साथ तो ले कर चले थे हम। 
कभी कह न पाए तो कभी  लिख न पाये हम
गहरा नाता है काग़ज कलम और हमारा।