ख़ुशी
मंगलवार, 31 दिसंबर 2019
बुधवार, 21 अगस्त 2019
शनिवार, 25 मई 2019
गुरुवार, 18 अप्रैल 2019
अटपटा सच
✍🏻"मैं तुम्हें नहीं भूल सकती/सकता"
------ये अटपटा सच है----मेरे विचार
...क्यूं है ना...
क्योंकि ना ऐसी कोई बात,समय,दृश्य, कहानी,ना ही कोइ इंसान और ना ऐसी कोइ चीज है जिसे हम नहीं भूल सकते। जब तक इनमें से कोई हमारी नजरों के सामने होता है तब तक उसका प्रभाव हमपर रहता है।नजरों से ओझल होते ही उसका प्रभाव भी धीरे धीरे कम होने लगता है।या फिर कुछ नया आ / हो जाता है !
इसलिए जब कोइ कहता है,मैं तुम्हें नहीं भूल सकता, तो ये बस बाँधे रखने का एक बहाना मात्र है,जब तक उसे आपकी जरूरत है ........
इसलिए अगर संबंधों में रहना है तो और बहुत से वजहों से रहिए,ना कि सिर्फ इसलिए क्योंकि "आप उसे नहीं भूल सकते!"
------ये अटपटा सच है----मेरे विचार
...क्यूं है ना...
क्योंकि ना ऐसी कोई बात,समय,दृश्य, कहानी,ना ही कोइ इंसान और ना ऐसी कोइ चीज है जिसे हम नहीं भूल सकते। जब तक इनमें से कोई हमारी नजरों के सामने होता है तब तक उसका प्रभाव हमपर रहता है।नजरों से ओझल होते ही उसका प्रभाव भी धीरे धीरे कम होने लगता है।या फिर कुछ नया आ / हो जाता है !
इसलिए जब कोइ कहता है,मैं तुम्हें नहीं भूल सकता, तो ये बस बाँधे रखने का एक बहाना मात्र है,जब तक उसे आपकी जरूरत है ........
इसलिए अगर संबंधों में रहना है तो और बहुत से वजहों से रहिए,ना कि सिर्फ इसलिए क्योंकि "आप उसे नहीं भूल सकते!"
बुधवार, 17 अप्रैल 2019
विचार
यह विचार पढ़ा तो मन को भा गया ------ करके देखें ----- सच बचपन याद आ गया
हर रात सोने से पहले अपने बिस्तर पर बैठें और मुंह बनाना शुरू करें। ठीक वैसे ही जैसे छोटे बच्चे करते हैं और उसका आनंद लेते हैं। तरह-तरह के चेहरे: अच्छे बुरे, सुंदर,कुरूप, ताकि पूरा चेहरा और मांसपेशियां हिलने लगें। आवाजें निकालें, निरर्थक आवाजें। फिर दस पंद्रह मिनट के लिए झूमें, शरीर को हिलाएं। और फिर सो जाएं।
सुबह स्नान करने से पहले फिर आईने के सामने खड़े हों और फिर से मुंह बनाएं। आईने के सामने खडे हो और देखें और मज़ा लें।
गुरुवार, 4 अप्रैल 2019
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