ख़ुशी

ख़ुशी

गुरुवार, 7 अगस्त 2014

मन के रिश्ते.

मन से मन के होते हैं कुछ रिश्ते,
सच्चाइयों की गहराइयों तक होते हैं कुछ रिश्ते.
मगर,
सच्चाई की जिसको समझ नहीं,
गहराई तक जिसकी पहुँच नहीं,
जाने क्या वो , वो क्या समझें,
मन से मन के ये रिश्ते.

सोमवार, 4 अगस्त 2014

बारिश की बूंदे



बारिश  की बूंदे झूम -झूम के बरस रही हैं
 मिज़ाज़ आसमाँ  का बदला
रुत ने भी रुख बदला  
 नई फ़िजा है आई,
 धरती फिर से महकी -सजी- सवँरी है !

 बारिश  की बूंदे तन -  मन  को भी भिगोने लगी 
मन मचलने लगा है--- भीगने को

आस बढ़ने लगी  है
प्यास  बढ़ने लगी  है --पिया मिलन को

पर  ये   क्या -----

गिरती हुई बूंदों पर नज़र डाली 
.ये बूंदे तो आंसू  हैं ,बरसते मोती 
--------मूल्य है इनका बेहपनाह
दिल घबरा सा गया  
मौसम के बहाने 
दिल में बिजली दौड़ी थी 

पर यह आंसू तन - मन  को  भिगो गए !!!

शुक्रवार, 25 जुलाई 2014

जिन्दगी की खूबसूरती

जिन्दगी की असली खूबसूरती ये नहीं है कि आप कितने खुश है, जिन्दगी की असली खूबसूरती तो ये है कि आपसे कितने खुश  है !अपनों से छोटी छोटी बातों पर नाराज़ ना होकर, बड़ा दिल रख कर मुस्करा कर उन्हें अपना लेना चाहिए क्योंकि :
"रोने से आंसू भी पराये हो जाते है और मुस्कराने से पराये भी अपने हो जाते है"

गुरुवार, 24 जुलाई 2014

मुस्कराहट

हर मुस्कराहट  मुस्कान नहीं होती है - दोस्त और दुश्मन की पहचान आसान नहीं होती है
आंसू ग़म के हो या ख़ुशी के
इनकी पहचान आसान नहीं होती है 

ख़ुशी

ख़ुशी क्या है ,
-काम करने की ख़ुशी
- काम करने  से मिली ख़ुशी 
-काम के लिए ख़ुशी
समझ  नहीं आता  कैसी  ख़ुशी चाहिए 

मंगलवार, 3 जून 2014

याद

!!!!यादों को समेटा ::::::कविता बन गई
ज़िन्दगी को समेटना शुरू किया::::::: कहानी बन गई!!!!

नया अध्याय

जीवन का नया अध्याय शुरु  होने जा रहा है ! मन अति प्रफुलित हो रहा है  पर डर  और घबराहट  भी हो रही   है