ख़ुशी

ख़ुशी

गुरुवार, 15 मई 2014

पल

 पल ठहरते नहीं ....
बीत जाते हैं,हाँ अपनी पसंद और सुविधानुसार उन्हें ठहरा हुआ मान लेते हैं

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