ख़ुशी
शनिवार, 25 मई 2019
गुरुवार, 18 अप्रैल 2019
अटपटा सच
✍🏻"मैं तुम्हें नहीं भूल सकती/सकता"
------ये अटपटा सच है----मेरे विचार
...क्यूं है ना...
क्योंकि ना ऐसी कोई बात,समय,दृश्य, कहानी,ना ही कोइ इंसान और ना ऐसी कोइ चीज है जिसे हम नहीं भूल सकते। जब तक इनमें से कोई हमारी नजरों के सामने होता है तब तक उसका प्रभाव हमपर रहता है।नजरों से ओझल होते ही उसका प्रभाव भी धीरे धीरे कम होने लगता है।या फिर कुछ नया आ / हो जाता है !
इसलिए जब कोइ कहता है,मैं तुम्हें नहीं भूल सकता, तो ये बस बाँधे रखने का एक बहाना मात्र है,जब तक उसे आपकी जरूरत है ........
इसलिए अगर संबंधों में रहना है तो और बहुत से वजहों से रहिए,ना कि सिर्फ इसलिए क्योंकि "आप उसे नहीं भूल सकते!"
------ये अटपटा सच है----मेरे विचार
...क्यूं है ना...
क्योंकि ना ऐसी कोई बात,समय,दृश्य, कहानी,ना ही कोइ इंसान और ना ऐसी कोइ चीज है जिसे हम नहीं भूल सकते। जब तक इनमें से कोई हमारी नजरों के सामने होता है तब तक उसका प्रभाव हमपर रहता है।नजरों से ओझल होते ही उसका प्रभाव भी धीरे धीरे कम होने लगता है।या फिर कुछ नया आ / हो जाता है !
इसलिए जब कोइ कहता है,मैं तुम्हें नहीं भूल सकता, तो ये बस बाँधे रखने का एक बहाना मात्र है,जब तक उसे आपकी जरूरत है ........
इसलिए अगर संबंधों में रहना है तो और बहुत से वजहों से रहिए,ना कि सिर्फ इसलिए क्योंकि "आप उसे नहीं भूल सकते!"
बुधवार, 17 अप्रैल 2019
विचार
यह विचार पढ़ा तो मन को भा गया ------ करके देखें ----- सच बचपन याद आ गया
हर रात सोने से पहले अपने बिस्तर पर बैठें और मुंह बनाना शुरू करें। ठीक वैसे ही जैसे छोटे बच्चे करते हैं और उसका आनंद लेते हैं। तरह-तरह के चेहरे: अच्छे बुरे, सुंदर,कुरूप, ताकि पूरा चेहरा और मांसपेशियां हिलने लगें। आवाजें निकालें, निरर्थक आवाजें। फिर दस पंद्रह मिनट के लिए झूमें, शरीर को हिलाएं। और फिर सो जाएं।
सुबह स्नान करने से पहले फिर आईने के सामने खड़े हों और फिर से मुंह बनाएं। आईने के सामने खडे हो और देखें और मज़ा लें।
गुरुवार, 4 अप्रैल 2019
शनिवार, 21 जुलाई 2018
बारिश
📝जाने का नाम न ले रही ..........
हफ्ते भर से आई है पर थमने का नाम नहीं
लबालब भर रहीं हैं दिल की नदियां
उफन रहे है मन के नाले
फीका पड़ रहा झूलों का मज़ा
न सावन का पता न आषाढ़ का
हां, तेरे आने की खुशी में हरियाली की दावत बहुत बढ़िया है
खुशी है मज़ा है वैसे ही रहने दे
#बेटियां मायके में आती जाती ही अच्छी लगती हैं
.....
#पुणेबारिश
हफ्ते भर से आई है पर थमने का नाम नहीं
लबालब भर रहीं हैं दिल की नदियां
उफन रहे है मन के नाले
फीका पड़ रहा झूलों का मज़ा
न सावन का पता न आषाढ़ का
हां, तेरे आने की खुशी में हरियाली की दावत बहुत बढ़िया है
खुशी है मज़ा है वैसे ही रहने दे
#बेटियां मायके में आती जाती ही अच्छी लगती हैं
.....
#पुणेबारिश
शुक्रवार, 20 जुलाई 2018
रिश्ते
✍️मुझे कई फूलों के नाम नहीं पता ..पर उनकी खूबसूरती और खुशबू के बारे में जानती हूं .. मोगरा,अमलतास,गुलमोहर ये नाम हैंबाद में पर पहचान बहुत पहले से है।
शायद ऐसे ही नामी बेनामी लोग नाम वाले रिश्तों का भी मेरे आस-पास एक दायरा है जिसकी खुशबू व खूबसूरती मुझे महका रही है।
..(पर हमे दायरे में रहना गंवारा ही नहीं)
रिश्ते खूबसूरत होते हैं ..अजनबियों से ये रिश्ते मुझे अजीज लगते हैं।
शायद ऐसे ही नामी बेनामी लोग नाम वाले रिश्तों का भी मेरे आस-पास एक दायरा है जिसकी खुशबू व खूबसूरती मुझे महका रही है।
..(पर हमे दायरे में रहना गंवारा ही नहीं)
रिश्ते खूबसूरत होते हैं ..अजनबियों से ये रिश्ते मुझे अजीज लगते हैं।
गुरुवार, 19 जुलाई 2018
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